:
Breaking News

Bihar News: संजीव मुखिया से पूछताछ में पेपर लीक नेटवर्क के बड़े खुलासे

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | संजीव मुखिया से EOU पूछताछ में 2017 NEET, 2023 सिपाही भर्ती और TRE-3 पेपर लीक को लेकर अहम जानकारी सामने आई।

10 सितंबर, Alam Ki Khabar। बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों में चर्चित नाम संजीव मुखिया एक बार फिर जांच एजेंसियों के घेरे में है। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की पूछताछ के दौरान उससे अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और उसके नेटवर्क को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार पूछताछ में उसने 2017 NEET, 2023 सिपाही भर्ती परीक्षा और BPSC TRE-3 पेपर लीक में अपनी भूमिका स्वीकार किए जाने की बात सामने आई है।

जांच एजेंसी अब पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारियों के आधार पर कथित नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि प्रश्नपत्र हासिल करने, उसे आगे पहुंचाने और अभ्यर्थियों तक जानकारी पहुंचाने की प्रक्रिया में कौन-कौन लोग शामिल थे।

कई परीक्षाओं को लेकर हो रही पूछताछ

EOU संजीव मुखिया से अलग-अलग परीक्षा मामलों के संबंध में जानकारी ले रही है। जांच का फोकस कथित नेटवर्क की कार्यप्रणाली, इसमें शामिल लोगों और अभ्यर्थियों तक प्रश्नपत्र या उससे जुड़ी जानकारी पहुंचने के तरीके पर है।

ताजा जानकारी के मुताबिक 2017 NEET, 2023 CSBC सिपाही भर्ती और BPSC शिक्षक भर्ती TRE-3 को लेकर उसकी कथित भूमिका की जांच की जा रही है।

NEET-UG 2024 मामले में स्थिति अलग

संजीव मुखिया का नाम NEET-UG 2024 पेपर लीक मामले में भी सामने आया था, लेकिन इस मामले में CBI की जांच का निष्कर्ष अलग रहा। जुलाई 2026 में CBI ने कहा था कि उसे संजीव मुखिया की NEET-UG 2024 के प्रश्नपत्र की चोरी या उसके वितरण में संलिप्तता साबित करने वाला कोई सबूत नहीं मिला। इसी वजह से CBI ने इस मामले में उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं की।

CBI के मुताबिक NEET-UG 2024 मामले में उसने प्रश्नपत्र की चोरी और उसके वितरण से जुड़े लोगों तथा लाभ लेने वाले अभ्यर्थियों की पहचान की और 45 आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की थी।

करीब 11 महीने तक रहा था फरार

संजीव मुखिया मूल रूप से नालंदा जिले का रहने वाला बताया जाता है। प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े कई मामलों में उसका नाम सामने आने के बाद वह लंबे समय तक जांच एजेंसियों की नजर में रहा। NEET-UG 2024 मामले के दौरान भी उसकी तलाश की गई थी और बाद में बिहार पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था।

अब EOU की पूछताछ से आगे बढ़ेगी जांच

ताजा पूछताछ में सामने आई जानकारियों को जांच एजेंसी किस तरह सत्यापित करती है, यह आगे महत्वपूर्ण होगा। कथित कबूलनामे में जिन लोगों या घटनाओं का जिक्र सामने आया है, उनकी स्वतंत्र जांच और साक्ष्यों के आधार पर पुष्टि की जाएगी।

इस मामले में यह अंतर भी महत्वपूर्ण है कि अलग-अलग पेपर लीक मामलों में किसी व्यक्ति की कथित भूमिका और NEET-UG 2024 मामले में CBI की जांच का निष्कर्ष एक ही बात नहीं है। इसलिए हर परीक्षा मामले की जांच को उसके अलग तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर देखना जरूरी है।

पेपर लीक पर सिस्टम की जवाबदेही जरूरी

प्रतियोगी परीक्षाओं का पेपर लीक होना सिर्फ एक परीक्षा को प्रभावित नहीं करता, बल्कि हजारों अभ्यर्थियों की मेहनत और भविष्य पर असर डालता है। यदि जांच में किसी संगठित नेटवर्क की पुष्टि होती है तो उसके हर स्तर की भूमिका सामने लाना जरूरी है। साथ ही परीक्षा व्यवस्था में ऐसी कमियों की पहचान भी होनी चाहिए, जिनका फायदा उठाकर प्रश्नपत्र तक पहुंच बनाई जाती है।

Alam Ki Khabar का मानना है कि पेपर लीक जैसे मामलों में आरोप और साबित अपराध के बीच स्पष्ट अंतर बनाए रखते हुए जांच के हर तथ्य को सामने लाना जरूरी है। दोष साबित होने पर जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई और निर्दोष लोगों को गलत तरीके से आरोपित किए जाने से बचाना—दोनों जांच की विश्वसनीयता के लिए जरूरी हैं।

यह भी पढ़ें: बिहार में पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी ताजा खबरें Alam Ki Khabar पर पढ़ें।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *